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आचार संहिता हटते ही जयपुर मेयर आए फोरम में, अब यह करेंगे शहर के लिए कार्य

जयपुर। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता हटाने के बाद शहरी सरकार यानी नगर निगम में महापौर विष्णु लाटा की ताबड़तोड़ मीटिंगों का दौर शुरू हो जाएगा। बैठक के संबंध में महापौर की ओर से निगम से जुड़े सभी विभागों के कार्यो का खाका भी तैयार कर लिया गया है।
जानकारी के अनुसार महापौर विष्णु लाटा लगातार तीन दिनों तक निगम अधिकारियों की बैठक लेंगे। जिसमें शहर की बिगड़ती सफाई व्यवस्था को ढर्रें पर लाने को लेकर मुख्य फोकस रहेगा। इसके साथ आवारा पशुओं, विद्युत, बरसाती नालों की सफाई, विजलेंस शाखा आदि से जुड़े कार्यों की मीटिंग लेंगे।

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लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद अब पांच महिनें बाद नवम्बर माह में नगरीय निकायों के चुनाव भी आने वाले है और अक्टूबर माह में फिर से आचार संहिता लग जाएगी।
ऐसे में महापौर को जनता जुड़े कार्यों को अधिक से अधिक कराकर राहत देने और कांग्रेस सरकार में अपना परर्फोंमेंस देने के लिए बड़ी चुनौति रहेगी और समय भी कम बचा हुआ है।
नालों और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाना
एक माह बाद प्रदेश में मानसून शुरू हो जाएगा। जयपुर शहर में करीब छोटे-बड़े 900 से अधिक नाले है। नगर निगम ने तीन माह पहले ही नालों की सफाई कार्य शुरू करा दिया है,लेकिन नालों की सफाई कार्य कछुआ चाल चल रहा है। ऐसे में मानसून के दौरान हालात बिगड़ सकते है। वहीं शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर लगातार महापौर पर विपक्ष की ओर से निशाना साधा जा रहा है। शहर की सफाई व्यवस्था बदहाल होती जा रही है। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन कार्य ठप होता जा रहा है। कचरें की गाडिय़ो कई वार्डों में आना बंद हो गई है।
अधिकारियों को साथ लेकर काम कराना चुनौती
नगर निगम में अधिकारियों और महापौर के बीच खींचवान चल रही है। अभी हाल ही में नगर निगम आयुक्त विजयपाल सिंह और महापौर विष्णु लाटा के बीच जूनियर अधिकारी (जेईएन)को उच्च पद (एक्सईएन) लगाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। इस संबंध में पार्षदों ने यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल से शिकायत की थी। जिसके बाद आयुक्त को अपने आदेश वापिस लेनें पड़े थे। वहीं मामला इतना गर्मा गया था कि परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास को दोनों ने एक-दूसरे की शिकायत की थी। ऐसे में महापौर को अधिकारियों को साथ लेकर कार्य कराना बड़ी चुनौती रहेगी।
अवारा पशुओं की समस्या
शहर में आवारा पशुओं को लेकर नगर निगम की काफी किरकरी झेलनी पड़ रही है। पिछले दिनों में आवारा कुत्तों की ओर से एक दर्जन से अधिक लोगों की काटने की घटनाएं सामने आ चुकी है। जिसको लेकर भाजपा पार्षदों ने निगम आयुक्त को शिकायत कर ठोस कदम उठाने को कहा था। वहीं अवैध डेयरियों की लगातार शिकायतें बढ़ती जा रही है।

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