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स्मार्ट सिटी का मतलब है रहने लायक शहर-नायडू

जयपुर। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडु ने कहा है कि स्मार्ट सिटी का मतलब रहने लायक शहर से है। ऐसा शहर जो कि आरामदायक हो, जहां के नागरिक को मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ ई गवर्नेंस का भी लाभ मिलता हो। उन्होंने कहा स्मार्ट सिटी बनाने में हर नागरिक की भूमिका की आवश्यकता है। चाहे पक्ष हो या विपक्ष सब मिलकर सकारात्मक रवैया अपनाकर ही इस दिशा में योगदान कर सकते हैं। शहर को स्मार्ट बनाने की जितनी जिम्मेदारी सरकार की है, उतनी ही वहां के निवासियों की भी है।
नायडु जयपुर के सीतापुरा स्थित जेईसीसी सभागार में तीन दिवसीय स्मार्ट सिटी एक्सपो 2018 के उद्घाटन सत्र को मुख्य अतिथि के रूप मेें सम्बोधित कर रहे थे। उपराष्ट्रपति ने कहा कि 2015 में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की शुरूआत के समय इसके बारे में कई लोगों को शंकाएं थीं कि केवल 100 शहर इतने बड़े देश में क्या परिवर्तन ला पाएंगे, लेकिन इस मिशन की संकल्पना में इन शहरों को लाइट हाउस माना गया था जो दूसरे शहरों को भी स्मार्ट बनने के लिए प्रेरित करेंगे। आज स्थिति यह है कि परियोजना में चयनित 100 शहरों में से अधिकतर मिशन मोड में आ चुके हैं और कई राज्यों से उनके अन्य शहरों को मिशन में शामिल किए जाने की मांग उठ रही है।
उन्होंने कहा कि देश में अनियोजित शहरी बसावटों की समस्या बहुत विकट है। अब समय आ गया है कि कस्बों एवं शहरों के लिए आने वाले 30-40 वर्ष के लिए योजनाएं बनाई जाएं। हर कस्बे में अन्य आधारभूत स्मार्ट सुविधाओं के साथ-साथ बाइपास, रिंग रोड, पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसी सुविधा होनी चाहिए। साथ ही जनसुविधा एवं जनजीवन से जुड़े हर क्षेत्र में नवाचार आने चाहिए। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी ऐसी हो जहां महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों का जीवन आसान और आरामदायक बनाने के लिए सभी सुविधाएं मौजूद हो।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि जयपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में पैदल चलने वालों के लिए नॉन मोटराईज्ड मोबिलिटी को शामिल किया गया है। यह आज के समय की आवश्यकता है। इसके बारे में अन्य शहरों में भी सोचा जाना चाहिए। उन्होंने नॉन मोटराइज्ड पाथ-वे, साइकिल ट्रेक, ग्रीन बैल्ट को शहर के लिए आवश्यक बताया एवं कल्चर और आर्किटेक्चर के बेहतर मेल से शहर का फ्यूचर सुधारने की बात कही।  नायडु ने जयपुर में रिवर फ्रंट के किए जा रहे कार्र्यों की तारीफ  करते हुए नदियों का ध्यान रखे जाने की आवश्यकता जताई।
केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि यह एक्सपो अर्बन प्लानर्स और स्मार्ट सिटी मिशन में सहयोगी संस्थानों के लिए एक विशेष मंच है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन केन्द्र सरकार की फ्लैगशिप योजना है। इसका उद्देश्य शहर के निवासियों को बेहतरीन सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना, युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और काम करने और रहने के लिए बेहतरीन वातावरण देना है। उन्होंने स्मार्ट मिशन के तहत राज्य में चल रहे कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और इसके लिए राज्य सरकार की सराहना भी की।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि स्मार्ट सिटी का मतलब है स्मार्ट पुलिस, स्मार्ट शिक्षा, डिजिटल गांव, स्मार्ट यातायात व्यवस्थाएं, स्मार्ट वेस्ट मेनेजमेंट और बिजली-पानी का स्मार्ट मेनेजमेंट, रीसाइक्लिंग और सबसे महत्त्वपूर्ण है स्मार्ट निवासी। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी सिटिजन और पर्यावरण फ्रैंडली होगी।
आवासन एवं नगरीय विकास मंत्री श्रीचंद कृपलानी ने प्रदेश में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत चयनित प्रदेश के चार शहरों जयपुर, कोटा, अजमेर तथा उदयपुर में कराए गए कार्यों के बारे में जानकारी दी।
दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के गर्वनर हियु वान ली एसी ने कहा कि स्मार्ट सिटी लोगों को गुणवत्तापूर्ण जीवन देने की दिशा में एक सार्थक कदम है। उन्होंने कहा कि जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में दोनों देश एक दूसरे से सीख सकते हैं।
जेडीए आयुक्त  वैभव गैलरिया ने स्वागत उद्बोधन में एक्सपो के उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लोगों को स्तरीय जीवन जीने का अवसर प्रदान करना ही स्मार्ट सिटी का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि लोगों को समुचित संसाधन उपलब्ध हों यही काफी नहीं है, संसाधनों का स्मार्ट उपयोग हो यह भी जरूरी है।
स्मार्ट सिटी एक्सपो-2018 का आयोजन क्वांटेला
जयपुर विकास प्राधिकरण, फिरा बार्सिलोना इंटरनेशनल द्वारा किया गया है। इसके इंडस्ट्रियल पार्टनर सीआईआई है तथा सिस्को ग्लोबल सहभागी है। संस्थागत सहयोगियों में केंद्र सरकार का आवासन एवं शहरी मामलात मंत्रालयए नीति आयोगए राजस्थान सरकारए इन्वेस्ट इंडिया और स्टार्टअप इंडिया शामिल हैं। समारोह में जयपुर के महापौर अशोक लाहोटी, सीआईआई के अध्यक्ष अनिल साबू, सिस्को के ग्लोबल अध्यक्ष अनिल मेनन, फिरा बार्सिलोना इंटरनेशनल के सीईओ रिचर्ड जपेतेरो, क्वांटेला के संस्थापक व सीईओ  श्रीधर गाधी एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा देश विदेश से आये प्रतिभागी मौजूद थे।
शहर विकास के इंजन
उपराष्ट्रपति नायडू ने कहा की शहरी विकास को लम्बे समय से देश में उपेक्षित किया गया लेकिन अब स्थिति बदलने लगी है। शहर विकास के इंजन हैंए इसलिए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स, अमृत योजना, वृह्द स्तर पर आवास निर्माण जैसी परियोजनाएं कल्पित की गई हैं। साथ ही पब्लिक परिवहन में विस्तार, विकास के लिए टैक्स का ईमानदारी से भुगतान की स्थितियों में बदलाव आ रहा है। यही अरबन रिनेसां (पुनर्जागरण) है, लेकिन इस अरबन रिनूअल की गति को बढाना होगा क्योंकि आज का युवा भारत जिसकी 65 प्रतिशत जनसंख्या 35 वर्ष से कम उम्र की है,  देश को तेजी से विकसित होते हुए देखना चाहता है।
स्मार्ट सिटी के लिए स्मार्ट लीडरए पांच ई जरूरी
उपराष्ट्रपति ने कहा कि स्मार्ट शहरों के निर्माण के लिए हर स्तर पर स्मार्ट लीडर की भी जरूरत है जो स्मार्ट विजन, इम्प्लीमेंटेशन एवं स्मार्ट एग्जीक्यूशन में सक्षम हों। इसमें स्थानीय निकाय के अध्यक्ष, सीईओ, डवलपर्स, एग्जीक्यूटर्स की विशेष भूमिका है। नायडु ने कहा कि स्मार्ट सिटी के लिए पांच ई, एम्प्लॉयमेंट, एजुकेशन, इन्टरटेन्मेंट, इकोनॉमिक अपलिफ्टमेंट एवं एन्हेंस हैल्थ की स्मार्ट सुविधाओं का होना जरूरी है। परियोजनाओं में अप्रूवल ऑनलाइन और पारदर्शिता के साथ आसानी से मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी विकास एवं सूचना प्रौद्योगिकी का पूरा लाभ लिया जाना चाहिए।

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